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डीएमसीएच में एससी-एसटी आयोग अध्यक्ष का औचक निरीक्षण, घायलों से मुलाकात के बाद इलाज-व्यवस्था पर सख्त निर्देश

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दरभंगा। अनुसूचित जाति-जनजाति समुदाय से जुड़े पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष धनंजय कुमार उर्फ मृणाल पासवान ने बुधवार को दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) का औचक निरीक्षण किया। यह दौरा कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरीनगर गांव में हुई मारपीट की घटना के बाद सामने आया, जिसमें एससी-एसटी समुदाय के कई लोग घायल हुए थे और उनका इलाज डीएमसीएच में चल रहा है। आयोग अध्यक्ष ने अस्पताल पहुंचते ही सीधे वार्डों का रुख किया और घायलों से मिलकर उनका हालचाल जाना। पीड़ितों ने आयोग अध्यक्ष को बताया कि बकाया मजदूरी मांगने पर उन पर हमला किया गया, जिसके बाद से वे भय और असुरक्षा के माहौल में हैं।
निरीक्षण के दौरान घायलों और उनके परिजनों ने इलाज से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं सामने रखीं। मरीजों ने बताया कि उन्हें कई जरूरी दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं, अस्पताल में बेड की कमी है, भोजन की गुणवत्ता खराब है और समय पर खाना नहीं मिल पा रहा। इन शिकायतों को सुनकर आयोग अध्यक्ष ने अस्पताल अधीक्षक और मौजूद चिकित्सकों से इलाज की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता और सुविधाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज कराना एससी-एसटी समुदाय के मरीजों का अधिकार है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धनंजय कुमार उर्फ मृणाल पासवान ने पुरुष एवं महिला वार्ड, इमरजेंसी और अन्य विभागों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर साफ-सफाई, दवा वितरण और भोजन व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी घायलों को समुचित इलाज मिले, किसी को भी जल्दबाजी में डिस्चार्ज न किया जाए और विशेष रूप से गंभीर रूप से घायल बच्ची के पैर में रॉड लगाए जाने तक इलाज जारी रखा जाए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
मारपीट की घटना को लेकर आयोग अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों से भी जानकारी ली। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। आयोग अध्यक्ष ने फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवारों को एक से दो दिनों के भीतर मुआवजा दिलाने का भरोसा भी दिलाया।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में एससी-एसटी आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मजदूरी जैसे छोटे विवाद को हिंसा और दंगा का रूप देने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसद चिराग पासवान और बिहार सरकार के निर्देश पर वे स्वयं मौके पर पहुंचे हैं और पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। उनका कहना था कि पीड़ितों को न्याय दिलाना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
दौरे के अंत में आयोग अध्यक्ष ने डीएमसीएच प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें इलाज, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अस्पताल व्यवस्था में सुधार केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका असर जमीन पर दिखना चाहिए, ताकि पीड़ितों और आम मरीजों को भरोसेमंद और सम्मानजनक इलाज मिल सके।

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